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Monday, February 11, 2013

दुखद या सुखद

सुनने मे आया है कि पीडीपी की नेता महबूबा मुफ़्ती आज एक न्यूज़ चैनल से कह रही थी, "अफ़ज़ल गुरु को अंतिम समय में उसके उसके पाँच साल के बेटे से भी नही मिलने दिया गया ये बहुत ही दुखद है ... "
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आदरणीय महबूबा मुफ़्ती जी ज़रा गौर करें कि जो व्यक्ति पिछले ग्यारह साल से जेल में बंद हो और उसके घर 'उसका' पाँच साल पहले बेटा हो ये बात और भी ज़्यादा दुखद है !!!

2 comments:

Padm Singh said...

भाई हद है ... :)

पवन *चंदन* said...

हद क्‍या भद है

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