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Wednesday, January 11, 2012

लपेट दो इनको भी ...

यू.पी. में हाथी को लपेटने का हुक्म तो हो गया, अब हाथ को लपेटने का हुक्म होना चाहिए. क्या पता इसी बहाने इस बर्फ़ीली सर्दी में तमाम ग़रीब हाथों को दस्ताने मिल जाएं !

14 comments:

shikha varshney said...

wow.....क्या समाधान सुझाया है.सटीक.

देव कुमार झा said...

इस ठंड के मौसम में राजनीति गर्मा रही है...... जनता के पास तो हाथ लपेटनें का दस्ताना क्या ठेंगा आयेगा....

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत अच्छी और सार्थक प्रस्तुति!

ब्लॉग बुलेटिन said...

इस पोस्ट के लिए आपका बहुत बहुत आभार - आपकी पोस्ट को शामिल किया गया है 'ब्लॉग बुलेटिन' पर - पधारें - और डालें एक नज़र - शिकागो के जयघोष की गूंज - ब्लॉग बुलेटिन

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

ज़बरदस्त ..:):)

Atul Shrivastava said...

.... पर यदि सायकल को ब्रेक लगाने की भी बात हुई तो क्‍या होगा......?????
कल्‍पना कीजिए, पेट्रोल तो महंगा है, सायकल ही सहारा है गरीबों का।

Padm Singh said...

कुछ भी लपेटा जाय... ठेके का कमीशन पक्का

Shanti Garg said...

बहुत बेहतरीन और प्रशंसनीय.......
मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

Mired Mirage said...

वाह, क्या सही कहा है! न जाने लालटेन, पशु पक्षी क्या क्या ढकने पड़ें।
घुघूतीबासूती

Shanti Garg said...

बहुत बेहतरीन और प्रशंसनीय.......
मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

Shanti Garg said...

बहुत बेहतरीन और प्रशंसनीय.......
मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

कैसे बनाये Valentine’s Day को यादगार said...

wah kya baat kahi hai :)

SKT said...

देर से जरूर आए हम,मगर आए वाह वाह करते हुए..!!

India Darpan said...

बहुत बेहतरीन और प्रशंसनीय......

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